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मध्य भारत में भी तेजी से बढ़ रहे लिवर रोग, समय पर जांच और उपचार ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय : विशेषज्ञ
• फैटी लिवर, सिरोसिस और लिवर कैंसर के बढ़ते मामलों पर यशोदा हॉस्पिटल्स ने जताई चिंता
• इंदौर में शुरू होगी सुपर-स्पेशियलिटी ओपीडी, लिवर ट्रांसप्लांट और एडवांस क्रिटिकल केयर सेवाओं की मिलेगी विशेषज्ञ सलाह
- फैमिली फिजिशियन मीट का भी होगा आयोजन
इंदौर, 5 जून 2026। देशभर में लिवर संबंधी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और अब इसका प्रभाव मध्य भारत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। बदलती जीवनशैली, मोटापा, मधुमेह, अत्यधिक शराब सेवन, वायरल हेपेटाइटिस और अनियमित खान-पान के कारण फैटी लिवर, सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लिवर रोग अब एक “साइलेंट किलर” के रूप में उभर रहा है, क्योंकि शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते।
इसी विषय पर जागरूकता बढ़ाने और मध्य भारत के मरीजों को उन्नत उपचार सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, हैदराबाद ने इंदौर में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। कार्यक्रम में लिवर प्रत्यारोपण (लिवर ट्रांसप्लांट), एडवांस हेपेटोबिलियरी सर्जरी तथा क्रिटिकल केयर मेडिसिन में उपलब्ध अत्याधुनिक सेवाओं की जानकारी साझा की गई।
मध्य भारत में बढ़ रही लिवर रोगों की चुनौती
डॉ. युक्तांश पांडेय, सीनियर कंसल्टेंट – लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी ने कहा -“पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा है कि फैटी लिवर डिजीज अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रही। मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में भी बड़ी संख्या में लोग नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) से प्रभावित हो रहे हैं। भारत में अनुमानतः हर तीन में से एक वयस्क किसी न किसी स्तर के फैटी लिवर से प्रभावित है। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से कई मरीजों को अपनी बीमारी की जानकारी तब होती है जब लिवर में गंभीर क्षति हो चुकी होती है। समय पर जांच और जीवनशैली में सुधार से अधिकांश मामलों को नियंत्रित किया जा सकता है।”
उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी संक्रमण, अनियंत्रित मधुमेह, मोटापा और शराब सेवन आज भी सिरोसिस और लिवर फेल्योर के प्रमुख कारण बने हुए हैं। कई मामलों में लिवर प्रत्यारोपण ही जीवन बचाने का एकमात्र विकल्प रह जाता है।
डॉ. पांडेय ने आगे कहा -“लिवर कैंसर के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। यदि सिरोसिस या क्रॉनिक लिवर डिजीज से पीड़ित मरीजों की नियमित स्क्रीनिंग की जाए तो कैंसर की समय रहते पहचान संभव है और बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।”
उन्नत लिवर ट्रांसप्लांट सुविधाएं उपलब्ध
डॉ. युक्तांश पांडेय ने बताया कि यशोदा हॉस्पिटल्स में लिविंग डोनर, डेसीज्ड डोनर, पीडियाट्रिक तथा ABO-इनकम्पैटिबल लिवर ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा रही हैं। इसके अलावा एडवांस हेपेटोबिलियरी सर्जरी, मिनिमली इनवेसिव एचपीबी प्रक्रियाएं, ट्रांसप्लांट इम्यूनोलॉजी तथा एंड-स्टेज लिवर डिजीज का समग्र उपचार भी उपलब्ध है।
गंभीर मरीजों के लिए ECMO और एडवांस क्रिटिकल केयर का महत्व
डॉ. कलाधर एस., सीनियर कंसल्टेंट एवं एचओडी – क्रिटिकल केयर मेडिसिन ने कहा -“गंभीर संक्रमण, सेप्सिस, मल्टी-ऑर्गन फेल्योर, गंभीर निमोनिया, ARDS और जटिल सर्जरी के बाद मरीजों को उच्च स्तरीय क्रिटिकल केयर की आवश्यकता होती है। समय पर विशेषज्ञ देखभाल मिलने से मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।”
उन्होंने बताया कि यशोदा हॉस्पिटल्स में ECMO (Extracorporeal Membrane Oxygenation), ECMO एयरलिफ्ट एवं रिट्रीवल, न्यूरो क्रिटिकल केयर, टेली-ICU सपोर्ट, CRRT, एडवांस वेंटिलेटर मैनेजमेंट, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी केयर और कार्डियक क्रिटिकल केयर जैसी अत्याधुनिक सेवाएं उपलब्ध हैं।
डॉ. कलाधर ने कहा – “लिवर फेल्योर और गंभीर संक्रमण से पीड़ित कई मरीजों को क्रिटिकल केयर और ECMO सपोर्ट की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ टीम और अत्याधुनिक तकनीक मरीजों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”
राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण उपलब्धियां
प्रबंधन की ओर से उपस्थित श्री आशुतोष राठौर, सेंट्रल इंडिया इंचार्ज ने बताया कि- यशोदा हॉस्पिटल्स को ELSO द्वारा प्लेटिनम लेवल अवार्ड प्राप्त हुआ है, जो ECMO और लाइफ सपोर्ट सेवाओं में उत्कृष्टता का प्रतीक है। साथ ही, NOTTO द्वारा निजी क्षेत्र में सर्वाधिक डेसीज्ड ऑर्गन डोनेशन के लिए संस्थान को सम्मानित किया गया है।
उन्होंने इंदौर में सहयोग सुपर स्पेशियलिटी क्लिनिक, क्वालिटी डायग्नोस्टिक्स परिसर में (64 ईसी, स्कीम नंबर 94, रिंग रोड, इंदौर, मध्य प्रदेश ) नियमित सुपर-स्पेशियलिटी ओपीडी सेवाएं शुरू करने की घोषणा भी की, जिससे मध्य प्रदेश के मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए हैदराबाद जाने की आवश्यकता कम होगी।
फैमिली फिजिशियन मीट का भी होगा आयोजन
मध्य भारत में अपनी पहुंच के तहत, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स इंदौर में एक फैमिली फिजिशियन मीट का भी आयोजन करेगा। यह कार्यक्रम फैमिली फिजिशियन और स्वास्थ्य चिकित्सकों को लिवर प्रत्यारोपण के मूल सिद्धांतों, एडवांस क्रिटिकल केयर सेवाओं और गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए ECMO सपोर्ट पर चर्चा के लिए एक मंच पर लाएगा। वैज्ञानिक सत्रों का नेतृत्व डॉ. युक्तांश पांडेय और डॉ. कलाधर एस. करेंगे। इस पहल का उद्देश्य प्राथमिक देखभाल चिकित्सकों के बीच उन मरीजों की समय पर पहचान, स्थिरीकरण और प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाना है, जिन्हें लिवर प्रत्यारोपण, एडवांस क्रिटिकल केयर या ECMO सेवाओं की आवश्यकता हो सकती है।
प्रबंधन की ओर से श्री आनंद राठौर, इंदौर सर्किल इंचार्ज भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।


